
ग़ाज़ीपुर। जिले के दो होनहार युवाओं ने साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प की मिसाल पेश करते हुए विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप तक सफलतापूर्वक पहुंचकर गाजीपुर का नाम रोशन किया है।
नौली निवासी पुनीत श्रीवास्तव तथा मरहद क्षेत्र के सराय मुबारक निवासी अंकित चौबे ने लगभग 8 दिनों के कठिन और चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद 19 मई 2026 को सुबह करीब 11 बजे माउंट एवरेस्ट बेस कैंप तक का सफर पूरा किया।
बताया जा रहा है कि इस दौरान दोनों पर्वतारोहियों को कई शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बेस कैंप पर तापमान माइनस 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दोनों युवाओं ने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया।
बातचीत में दोनों युवाओं ने बताया कि यह सफर बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन लगातार मेहनत, अनुशासन और पूर्व प्रशिक्षण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने में मदद की।
दोनों पर्वतारोही काशी हिंदू विश्वविद्यालय के माउंटेनियरिंग विभाग से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं और इससे पहले भी कई साहसिक अभियानों में भाग ले चुके हैं।
वर्तमान में पुनीत श्रीवास्तव योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं, जबकि अंकित चौबे जवाहर नवोदय विद्यालय, रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) में शारीरिक शिक्षक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
गाजीपुर के इन दोनों युवाओं की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरे जिले में गर्व और खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों और शुभचिंतकों ने दोनों युवाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
संवाददाता :- प्रधान शिष्य अजय

