लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार, 29 सितंबर 2026 से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी होनी है।

10 सीटों पर होगा चुनाव
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। इनमें वर्तमान में आठ सीटें बीजेपी, एक समाजवादी पार्टी और एक बहुजन समाज पार्टी के पास है। विधानसभा में मौजूदा दलगत संख्या के आधार पर बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, जबकि समाजवादी पार्टी भी दो सीटों पर दावा कर सकती है।
BJP में कई नामों पर चर्चा
राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी में उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया जारी है। पार्टी की बैठक में कई संभावित नामों पर चर्चा होने की खबर है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर समेत कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है।
रिपोर्टों में अन्य कई नामों का भी जिक्र किया गया है। इनमें बृजलाल, गीता शाक्य, बीएल वर्मा, हरदीप सिंह पुरी, नीरज शेखर समेत ऐसे नेता शामिल हैं जिनका मौजूदा कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसके अलावा पार्टी स्तर पर अन्य संभावित चेहरों पर भी विचार की खबरें सामने आई हैं।
हालांकि, इन नामों को फिलहाल संभावित दावेदारों के तौर पर ही देखा जा रहा है। अंतिम फैसला बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व और पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
सपा के तीन उम्मीदवार उतारने की तैयारी की चर्चा
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी भी राज्यसभा चुनाव को लेकर सक्रिय है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पार्टी तीन नामांकन पत्र लेने की तैयारी में है। इससे चुनाव में अतिरिक्त उम्मीदवार उतारने की संभावना को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
सपा के मौजूदा राज्यसभा सदस्य और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में चर्चा में बताया जा रहा है। इसके अलावा पूर्व मुख्य सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी आलोक रंजन और पूर्व सांसद सलीम इकबाल शेरवानी के नामों की भी विभिन्न रिपोर्टों में चर्चा है। हालांकि, सपा की ओर से अंतिम उम्मीदवार सूची की आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
वोटों के गणित पर रहेगी नजर
राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के 403 सदस्यीय विधानसभा में मौजूदा दलगत संख्या महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वर्तमान स्थिति में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास पर्याप्त संख्या है, जबकि सपा के पास भी दो सीटों के लिए मजबूत संख्या बताई जा रही है।
यदि किसी पार्टी की ओर से उपलब्ध संख्या से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं, तो अतिरिक्त वोटों का गणित महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे में उम्मीदवारों की अंतिम सूची, दलों की रणनीति और विधायकों के समर्थन पर सभी की नजर रहेगी।
29 सितंबर से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार:
- 29 सितंबर 2026 — नामांकन प्रक्रिया शुरू
- 6 अक्टूबर — नामांकन की अंतिम तारीख
- 7 अक्टूबर — नामांकन पत्रों की जांच
- 9 अक्टूबर — नाम वापसी की अंतिम तारीख
- 16 अक्टूबर — सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान
- 16 अक्टूबर — शाम 5 बजे से मतगणना
- 19 अक्टूबर — चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की अंतिम तारीख
2027 विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण चुनाव
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राज्यसभा चुनाव को राजनीतिक दलों के लिए विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण संगठनात्मक और राजनीतिक गतिविधि के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, राज्यसभा चुनाव में अंतिम परिणाम उम्मीदवारों और मतदान के दिन विधायकों के वोटों के आधार पर ही तय होंगे।
फिलहाल सभी की नजर बीजेपी की अंतिम उम्मीदवार सूची और समाजवादी पार्टी के संभावित तीन उम्मीदवारों पर टिकी है। नामांकन प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव का राजनीतिक गणित और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

